🔱 What is Siddha Divya Hawan 🔱

& its Importance ?

इस सिद्ध दिव्य हवन की विधि हमारे परम पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन पंडित श्री राधारमण जी मिश्र के दिशा-निर्देशों पर उनके परम प्रिय शिष्य डॉक्टर एस. एस. भदौरिया (गुरु जी) ने तैयार की |

इस हवन की आवश्यकता इसलिए भी प्रतीत हो रही थी क्यूँकि शरीर की समस्या के साथ-साथ तमाम नकारात्मक अदृश्य शक्तियों का प्रभाव हमारे घर और परिवार के अन्य सदस्यों पर भी बना रहता है तथा जिस जमीन पर हम रहते हैं यदा-कदा वह भी शॉप ग्रस्त रहती है, अतः जब हम करौली सरकार के दरबार से शुद्ध होकर अपने घर पर पहुंचते हैं तो हम पुनः से इन नकारात्मक शक्तियों के दुष्प्रभाव में आ जाते हैं और हम फिर से कष्ट भोगने हेतु विवश हो जाते हैं क्योंकि वह प्रेत गण शरीर के साथ-साथ आपके घर में भी तमाम अन्य पीड़ितों को आमंत्रित करके घर को अत्यधिक नकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं जिसके लिए घर पर दिव्य हवन करने की आवश्यकता प्रतीत होती है किंतु आश्रम में अत्यधिक व्यस्तता के कारण गुरु जी द्वारा सभी के घरों पर जा जाकर हवन करना संभव नहीं है |

दूसरा इसलिए भी इसकी आवश्यकता प्रतीत हो रही थी कि कभी-कभी पूरा का पूरा परिवार ही इन नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव में रहता है और पूरा परिवार करौली सरकार के दरबार आने में असमर्थ रहता है जिससे कि पूरा परिवार बेवजह ही पीड़ा भोगता रहता है |

निष्कर्ष

यह सिद्ध दिव्य हवन विश्व का एकमात्र ऐसा सिद्ध दिव्य हवन है जिसमें किसी भी पुजारी जी या पंडित जी की आवश्यकता नहीं है।

इस सिद्ध दिव्य हवन में किसी भी प्रकार की मंत्रोच्चारण या बार-बार आहुति डालने की आवश्यकता नहीं है, इसे सिर्फ अग्नि को समर्पित करने भर की आवश्यकता है |

इस सिद्ध दिव्य हवन की महिमा यह है कि 5 हवन पूर्ण होते ही प्रेत बाधा पूरी तरह समाप्त हो जाती है और सैकड़ों वर्षों से प्रेतों के गुलाम पूर्वज-गण इनके बंधन से आजाद हो जाते हैं | यह पांच हवन को प्रतिदिन भी एक हवन करके 5 दिन में ही बाधा से मुक्त हुआ जा सकता है, लेकिन इसके पश्चात बाकी के दो हवन 1-1 महीने के अंतराल में पूर्वजों का मोह और भ्रम तथा प्रेतों की संगत का असर और विकार खत्म करने के लिए किए जाते हैं | इसके पश्चात किसी भी अमावस्या में यहां आकर पूर्वजों को मुक्ति दिलाई जा सकती है |

अर्थात साथ हवन पूर्ण होते ही आपके शरीर और परिवार के सदस्यों पर से तथा घर से तमाम राक्षसी, आसुरी और नकारात्मक शक्तियों का विनाश हो कर समस्याओं का अंत हो जाता है।

स्वास्थ्य में गिरावट या आप किसी गंभीर बीमारी की चपेट में हैं और इलाज चल रहा है किंतु फिर भी फायदा नहीं होता है, घर में कलेश और झगड़ा तथा लड़कियों की शादियों में रुकावटें हैं और पति या पुत्र की नौकरी या व्यापार में घाटा या रुकावट हो रही हो, किसी ने घर या ऑफिस अथवा प्रतिष्ठान को बांध रखा हो अथवा आपकी तरक्की रुकी हो या परिवार के किसी सदस्य पर टोना टोटका, तंत्र-मंत्र आदि किया गया हो अथवा संतान प्राप्ति में बाधा आ रही हो या संपत्तियां और झगड़े के मुकदमे चल रहे हो और स्वयं को बेवजह मानसिक कलेश, मित्रों से दूरियां और परिवार से दूरियां बढ़ रही हो, जीवन साथी से दूरियां बढ़कर कलेश होता हो, निंद्रा न आती हो या बहुत सो करके भी नींद ना पूरी होती हो और आलस्य बना रहता हो, किसी काम में मन न लगता हो, बच्चों का मन पढ़ने में न लगता है और उनके चरित्र में लगातार गिरावट आ रही हो अथवा आपके परिश्रम का पूरा फल आपको प्राप्त ना हो रहा हो- तो इस सिद्ध दिव्य हवन को करने से इन समस्याओं से छुटकारा संभव है |

इस हवन सामग्री में सैकड़ों दिव्य जड़ी बूटियां मिली हुई हैं जोकि पूजनीय बाबा जी एवं पूजनीय माता जी के निर्देशानुसार पूजनीय गुरु जी द्वारा सिद्ध की गई हैं | इस किट के अंदर कुल 21 दिन अभिमंत्रित एवं सिद्ध की हुई वस्तुएं हैं, जिनके अग्नि में संपर्क मात्र होने से करौली सरकार के दरबार की दैवीय शक्तियां स्वतः ही सक्रिय होकर हवन स्थल पर पहुंचकर, आपके घर में वर्षों से कब्जा जमा कर बैठीं नकारात्मक शक्तियों को पकड़कर उसी हवन में भस्म करना शुरू कर देती हैं, इस प्रकार आप करौली सरकार के दरबार में हाज़िरी और अर्जी लगाकर, इस सिद्ध दिव्य हवन को करके आप जल्दी से जल्दी इन आसुरी शक्तियों के दुष्प्रभाव से मुक्त हो सकते हैं | आप अर्जी, बंधन, सिद्ध दिव्य हवन करने हेतु बाध्य नहीं हैं, यह आपकी आवश्यकता, इच्छा तथा बुद्धि और विवेक पर निर्भर है- दरबार से मात्र सलाह भर दी जाती है |

यह सिद्ध दिव्य हवन की किट बिक्री हेतु बाजार में उपलब्ध नहीं है, इसे मात्र सहयोग राशि देकर आश्रम (करौली सरकार) से प्राप्त किया जा सकता है |

इसका प्रभाव हवन शुरू होते ही दिखाई पड़ना शुरू हो जाता है